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| तेवर फिल्म के 'मैडमिया' गीत में ही हैं बोल- अरे स्माईल मलाई है तेरी, स्टाईल है गज़क....नरमी भी गरमी भी तू बड़ी गज़ब' |
'तेवर' फिल्म के एक गीत के बोल "'अरे स्माईल मलाई है तेरी, स्टाईल है गज़क....नरमी भी गरमी भी तू बड़ी गज़ब'' से याद आया कि, शायद ! उसी गज़क की गर्मी और नरमी की बात हो रही है जो चम्बल के पानी से तैयार होती है। उस पानी की तासीर ही ऐसी है कि, जिसने भी पीया उसने पानी की गर्मी का असर कही न कहीं दिखा दिया। चाहे वह स्वतंत्रता का आंदोलन हो या बीहडों में बागियों की दहाड़। इसीलिए बॉलीवुड ने भी चम्बल के नकारात्मक पहलू को दिखाकर वाहवाही लूटी। इसी मायानगरी ने अब, मुरैना की गजक का जिक्र तेवर फिल्म के गाने में कर चम्बल की सकारात्मकता को देश में प्रदर्शित करने का कार्य किया है।
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| मुरैना की ख़स्ता, ताज़ा गज़क |
बात अब छिड़ ही गई है तो बता दें कि, चम्बल के पानी से बनने वाली गजक सर्दियों में गर्म तासीर के कारण कुरकुरी खस्ता होती है। चम्बल की गज़क विदेशों तक अपनी पहचान स्थापित करने में कई दशकों से कामयाब हुई है। चम्बल के पानी की तासीर कितनी गर्म है इसे फिल्मी पर्दे पर 6 दशकों सें देशवासी देख रहे हैं। इस नकारात्मक पहलू को अन्तर्राष्ट्रीय धावक पानसिंह तोमर जो बाद में बागी हो गया, कि फिल्म में सकारात्मक रूप से दिखाया गया। इसी पानी से बनी गज़क दशकों से विदेशों तक अपने खस्तापन से यादगार बनी रहती है।
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| तस्वीर में गज़क बनाते हुए कारीगर फोटो : साभार |
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| गज़क के विभिन्न प्रकार फोटो : साभार |
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आज से 8 दशक पूर्व संक्राति पर्व से आरम्भ हुई गज़क गरीबों की मिठाई के रूप में विख्यात थी। तिल -गुड से कूट-कूट कर बनने वाली यह मिठाई अब गरीबों से दूर होती जा रही है। मंहगाई की मार तिल गुड, शक्कर, कोयला पर हो रही है। इसी से इसके निर्माता कारीगर प्रभावित हैं। यही कारण है कि मिलावट से दूर शुद्ध मिठाई के रूप में यह अमीरों की पसन्द बन गई है। बड़े-बड़े डिब्बे और कार्टूनों में यह अमीरों के घर पहुचने लगी है। हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि, आख़िर कब तक गज़क को भी मिठाईयों और मावा की तरह 'कैडबरी सैलीब्रेशन पैक' की नज़र नहीं लगती।




मुरैना की गजक के स्वाद के क्या कहने... कहीं और की गजक खाने में वो बात नहीं है, वो स्वाद नहीं आता जो चम्बल की गजक खाने में आता है.... बहुत ही बढ़िया लिखा है नीरज भाई
ReplyDeleteलोकेन्द्र भैया, हालांकि, इसमें कुछ समंकों (डाटा) की कमी है, लेकिन जितना समझ में आया उतना लिख डाला।
Deleteआप इसी तरह हौंसला अफ़ज़ाई करते रहिएगा....