रोमांस कम, कॉमेडी ज़्यादा करती है 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया'
(नीरज चौधरी)
फिल्म :- हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया
निर्देशक :- 'शशांक खेतान'
निर्माता :- धर्मा प्रोडक्शन
कलाकार :- वरुण धवन, आलिया भट्ट, आशुतोष राणा, सिद्धार्थ शुक्ला, गौरव पांडेय, साहिल वैद व अन्य।
बॉक्स आॅफिस पर 44 करोड़ बटोर चुकी 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' दर्शकों को अपनी तरफ खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' में अपनी कला का जौहर दिखा चुके नवोदित अदाकार वरुण धवन व अदाकारा आलिया भट्ट ने उसी बैनर तले शशांक खेतान के निर्देशन में अपने किरदारों को बखूबी जिया है। गुदगुदी, मार्डन रोमांस व थोड़ी सी ट्रेजडी का तड़का लगाने वाली इस फिल्म में दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे से इतर मार्डन रोमांस दिखा है।आखिर हो भी क्यों न, उसी प्रोडक्शन हाउस की निर्मित जो है और फिल्म का हीरो हम्प्टी शर्मा (वरुण धवन) डीडीएलजे के प्रति अपना प्रेम फिल्म की शुरूआत में ही जो प्रकट कर चुका होता है। फिल्म की कहानी डीडीएलजे का आधुनिक रूप लगती है।
कहानी में दिल्ली निवासी राकेश शर्मा उर्फ हम्प्टी शर्मा अपने दो खुरापाती कूल डूड टाइप दोस्तों पपलू और शॉन्टी के साथ कॉलेज लाइफ में इन्जॉय करता है। दूसरी आेर अंबाला की रहने वाली काव्या प्रताप सिंह जो फिल्म की अदाकारा है, मिस्टर सिंह (आशुतोष राणा) की लड़की है। काव्या अपने जिद्दी स्वभाव व घर में छोटे हाने का फायदा उठाते हुए अपनी मनमानी मांगे मनवती रहती है, इन्हीं दो महीनों के भीतर उसकी शादी है और वो अपनी सहेली गुरप्रती के देखी-देखा मंहगा लहंगा खरीदने दिल्ली अपने मामा के पास निकल पड़ती है,जहां घटना-दुर्घटनावश उसकी मुलाकात उसके मामा की हुज्जत-हिफाज़त करने आए हम्प्टी से होती है और वहीं से शरु होती है रोना, गाना, हंसना। शुरूआत में कहानी में बहुत गुदगुदी, रोमांस, कुछेक संवाद हैं लेकिन अंत तक आते-आते कथा ढीली पड़ जाती है। माडर्न डीडीएलजे की नकल में फिल्म कुछ नए संवादों (डायलॉग्स) , नई स्टोरी के बिना अधूरी रह जाती है ।
हालाकि सीन बाकायदा नए हैं, केवल अंत में ट्रेन और रेलवे स्टेशन का सीन छोड़कर। वहीं, छोटे पर्दे से बड़े पर्दे पर पहली बार पदार्पण करने वाले कलाकार सिद्धार्थ शुक्ला फिल्म में काव्य के बहुप्रतीक्षित एनआरआई दूल्हा को फिल्में जगह देते हुए भी जगह नहीं दी गई क्योंकि उनके रोल के मुताबिक स्टोरी दर्शकों को गच्चा दे जाती है। अंगद को कब लाकर हटा दिया जाता है, दर्शकों को इसका पता ही नहीं चलता। फिल्म के अंत में दुल्हन बनीं अदाकारा काव्या (आलिया) डीडीलएजे का पूरा डायलॉग नहीं बोल पातीं, जिससे बारातियों व सिनेमा हॉल में बैठे दर्शकों में हंसी का फव्वारा छूट पड़ता है। यही कारण है रील लाइफ से इतर रियल लाइफ में कमसिन-क्यूटी आलिया भट्ट के सोशल मीडिया में चुटकुले ट्रेंड हाने लगते है।
कलाकार अंगद (सिद्धार्थ शुक्ला) के अलावा हम्प्टी के दोनों दोस्तों ने दर्शकों द्वारा बार-बार सराही जाने वाली बेहतरीन व उम्दा एक्टिंग की है। दो गानों को छोड़ दें तो फिल्म के शेष गानों में कोई रस नहीं है। 'मैं तेनु समझावां की' और 'सैटरडे-सैटरडे' इन दो गानों ने मूवी में जान डाल दी।
बहरहाल, कुछ दिनों से सुस्त पड़े बॉक्स ऑफिस पर फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' बड़ी कमाऊ और दिखाऊ साबित हो रही है। महज़ 29 करोड़ के बजट से बनी इस मूवी ने 6 दिन में 44 करोड़ बटोर लिए हैं। वीक ऑफ के दिनों में फिल्म के प्रशंसकों व दर्शकों की संख्या में इज़ाफा होने की जबरदस्त संभावना है। भटकती हुई अंत की कहानी को छोड़ दें तो फिल्म पैसा वसूल है।
.jpg)

बहुत बढ़िया... अब तो फिल्म देखनी पड़ेगी
ReplyDeletesuch as a good movie
ReplyDelete