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Thursday, 17 July 2014

अब न रहे वो नारे, जिनको लगाते थे दल सारे :-
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  1. -इस दीपक में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं।
  2. -जली झोपड़ी भागे बैल, यह देखो दीपक का खेल।
  3. -बेटा कार बनाता है, मां बेकार बनाती है।
  4. -एक शेरनी सौ लंगूर, चिकमंगलूर चिकमंगलूर।
  5. -स्वर्ग से नेहरू रहे पुकार, अबकी बिटिया जहियो हार।
  6. -आधी रोटी खाएंगे, इंदिरा को लाएंगे।
  7. -इंदिरा जी की बात पर मुहर लगेगी हाथ पर।
  8. -सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनाएंगे।
  9. -जिसने कभी न झुकना सीखा, उसका नाम मुलायम है।
  10. -अबकी बारी अटल बिहारी।
  11. -जब तक सूरज चांद रहेगा, इंदिरा तेरा नाम रहेगा।
  12. -सोशलिस्टों ने बांधी गांठ पिछड़े पावैं सौ में साठ।

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