Pages

Thursday, 5 June 2014


पेट की ड्यूटी ने नहीं करने दी देश की ड्यूटी... 


वो अल्हड़, मस्तानी, मुस्कानी, शैतानी अदाओं के साथ इठलाती हुयी जैसे ही नाव (boat) से बहार क़दम रखती है, तभी हाथ में माइक थामें कला और संस्कृति बीट की एक प्रतिष्ठित समाचार चैनल की महिला रिपोर्टर उस युवा छोरी से पूछती है,- ''आप वोटिंग करने गए थे ??'' तभी अपनी हाज़िरजवाबी के साथ जस्ट चिल वाले अंदाज़ में जवाब देती है,-'' व्हाट इज़ वोटिंग ?? आई हैव आलरेडी बोटिंग !'' (मैं नाव की सवारी कर के आई हूँ। ) रिपोर्टर तुरंत थैंक्स बोलते हुए अपनी ड्यूटी पूरी करते हुए माइक की केवल और आईडी समेटती है और अपने दूसरे टारगेट की ओर यह सोचते हुए बढ़ जाती है कि यही युवा पीढ़ी फेसबुक, ट्विटर पर आज की राजनीती का मोर्चा संभाले हुए है और वोटिंग (मतदान) के नाम पर बोटिंग (नाव) से झीलों की सैर कर रहे है.. और फिर रिपोर्टर भी मन ही मन मंद मंद मुस्काती है युवाओं की इन करतूतों पर. तभी उसका उम्र में थोड़ा बुजुर्ग ड्राइवर महिला पत्रकार की मनभावनाओ को समझता हुआ कह ही देता है,-''मैडम, हम दूसरों से वोट देने की पूछ रहे हैं लेकिन हमें भी इस कमबख्त पेट की ड्यूटी ने देश की ड्यूटी नहीं करने दी। ''



- नीरज

No comments:

Post a Comment